Posts

Showing posts from March, 2022

100 Days of Running

*Hundred Day of Running (HDOR) एक रनिंग का त्यौहार* दोस्तों, आज मै आपसे HDOR के बारे में कुछ बातें सांझा करूंगा और मुझे उम्मीद है कि इसमें पार्टिसिपेट करके मेरी तरह आपको भी फायदा होगा , जीवन जीने का नजरिया बदलेगा और स्वस्थ जीवन जीने का सपना साकार होगा।  कहते है अगर कोई काम 100 दिनों तक लगातार किया जाए तो वो आदत बन जाती है और शरीर के लिए दौड़ने से अच्छी आदत भला क्या हो सकती है। HDOR 100 दिनो की  एक अंतरराष्ट्रीय (लगभग 75 देश) विरुचुअल इवेंट है जिसमे कोई भी पार्टिसिपेट कर सकता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको कम से कम प्रतिदिन 2 km चलना या दौड़ना है। आपने टारगेट आप खुद तय कीजिए उनको पूरा कीजिए।  HDOR आपको यह भी बताता है कि आप अपनी एज कैटेगरी , जेंडर कैटेगरी, कम्पनी, ग्रुप कैटेगरी आदि में किस रैंक पर दौड़ रहे है। सीधे और स्पष्ट शब्दों में बात करे तो मानो जैसे अपने माइंड में आपने एक चौकीदार बिठा दिया हो जो रोज आपको रन करने के लिए प्रेरित करता है। हजारों लोगों की ज़िंदगी बदलने वाली इस इवेंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विरुचुअल इवेंट होने के कारण आप कही भी और कभी भी दौड़...

साइकिल की जुबानी

Image
*साइकिल की जुबानी* अक्सर सुबह सोसायटी से निकलते समय उन धूलचढ़ी साइकिलों से मन ही मन कुछ बातें कर लेता हूं , अगर बोलती तो बताती बेचारी कि हां मैं वो ही तो हूं जिसके लिए उस बच्चे ने दिन रात जिद्द की थी और पापा मम्मी ने भी तो बडे़ चाव से दिलवाई थी, पर आज मेरी सुध लेने वाला वो बच्चा मोबाइल  गेम की मायावी दुनिया में कही गुम हो गया है और मुझे भूल गया है।  अपना समय याद करते है तो 1990 की बात रही होगी , 50 पैसे में आधा घंटा छोटी साइकिल किराए पर लेकर शान से बाजार में चलाया करते थे और जब 2 मिनिट बचते तो दुकान के सामने ऐसे छाती चौड़ी करके निकलते कि बस एक बार दुकानदार बोलें तो सही, और हम कहें कि अभी टाइम है। पापा के ड्यूटी से आने के बाद साइकिल के मालिक बस हम हो जाते थे।  क्रंची स्टाइल से गद्दी तक का बड़ा सफर मजेदार रहा। पहली बार जब सीट पर बैठकर साइकिल चलाई तो यकीन मानिए कि ऐसा लगा मानो राफेल ही उड़ाकर आए हो।  ये बेचारी साइकिल इंतजार करती है कि शायद इनका राइडर एक दिन बाहर निकलेगा और मुझे भी चमकाकर फिर से उस दुनिया को दिखाएगा जिसे देखे एक जमाना हो गया..... ...